Sunday, 7 May 2017

Top #200+ 2 Line Shayari (Awesome Collection of All Time)

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Top #200+ 2 Line Shayari (Awesome Collection of All Time)




शायरों से ताल्लुक रखो, तबियत ठीक रहेगी
ये वो हकीम हैं, अलफ़ाजो से ईलाज करते है।


तुम नफरतों के धरने, कयामत तक जारी रखो
मैं मोहब्बत से इस्तीफा, मरते दम तक नहीं दूंगा।


ज़िन्दगी कभी भी ले सकती है करवट, तू गुमां न कर..
बुलंदियाँ छू हज़ार मगर, उसके लिए कोई गुनाह न कर।


तेरे इश्क में डूब कर कतरे से दरिया हो जाऊँ,
मैं तुमसे शुरू होकर तुझमें ख़त्म हो जाऊँ।


लोग कहते हैं कि आदमी को अमीर होना चाहिए,
और हम कहते कि आदमी का जमीर होना चाहिए।


साहिब.. इज्जत हो तो इश्क़ जरा सोच कर करना,
ये इश्क अक्सर मुकाम-ए-जिल्लत पे ले जाता है।


संभाल के रखना अपनी पीठ को यारो,
शाबाशी और खंजर दोनो वहीं पर मिलते है।
हम ने रोती हुई आँखों को हसाया है सदा,
इस से बेहतर इबादत तो नहीं होगी हमसे।

आज दिल कर रहा था, बच्चों की तरह रूठ ही जाऊँ,
पर फिर सोचा, उम्र का तकाज़ा है, मनायेगा कौन।

मैं निकला सुख की तलाश में रस्ते में खड़े दुखो ने कहा,
हमें साथ लिए बिना सुखों का पता नहीं मिलता जनाब।

ये आँखे दिनभर कुछ तलाशती रहती हैं..
कोई तो है जिस का इन्हे इंतजार है।
मुझे भी तो किसी का प्यार पाना है,
क्या बुरा है अगर तुमको ही चाहूँ तो।



एहसासों की नमी बेहद जरुरी है हर रिश्ते में,
रेत भी सूखी हो तो हाथों से फिसल जाती है।

मुझे तलाश है उन रास्तों कि, जहां से कोई गुज़रा न हो,
सुना है.. वीरानों मे अक्सर, जिंदगी मिल जाती है।

उनकी नज़रो में फर्क अब भी नही,
पहले मुड़ के देखते थे, अब देख के मुड़ जाते है।

तुम अच्छे हो तो बेहतर, तुम बुरे हो तो भी कबूल,
हम मिज़ाज-ऐ-दोस्ती में ऐब-ऐ-दोस्त नहीं देखा करते।

दुनियाँ की हर चीज ठोकर लगने से टूट जाया करती है दोस्तो,
एक कामयाबी ही है जो ठोकर खा के ही मिलती है।

मे इंतेज़ार मे हूँ की कब टूटेगी तेरी खामोशी,
तुम इंतेज़ार मे हो की नही देख मेरी खामोशी।

गम ये नहीं है कि कोई ये सब खुशियाँ बांटने वाला होता,
पर कोई तो होता जो गलतियों पर डांटने वाला होता।

बड़ा मुश्किल काम दे दिया किस्मत ने मुझको,
कहती है तुम तो सबके हो गए, अब ढूंढो उनको जो तुम्हारे है।

बहुत सा पानी छुपाया है मैंने अपनी पलकों में ,
जिंदगी लम्बी बहुत है,क्या पता कब प्यास लग जाए ।
जो तार से निकली है वो धुन सबने सुनी है,
जो साज़ पर बीती है वो दर्द किस दिल को पता है।

कौन तोलेगा हीरों में अब तुम्हारे आंसू फ़राज़,
वो जो एक दर्द का ताजिर था दुकां छोड़ गया।

रूबरू आपसे मिलने का मौका रोज नहीं मिलता,
इसलिए शब्दों से आप सब को छू लेता हूँ।

जिनकी संगत मैं ख़ामोश संवाद होते है,
अक्सर वो रिश्ते बहुत ही ख़ास होते हैं।

तासीर किसी भी दर्द की मीठी नहीं होती ग़ालिब,
वजह यही है की आँसू भी नमकीन होते है।

मेरे टूटने का ज़िम्मेदार मेरा जौहरी ही है,
उसी की ये ज़िद थी की अभी और तराशा जाए।

रात के कितने पहर हैं.. क्या जाने,
तेरे इंतज़ार में मैने तारे हज़ार बार गिने।

ये सुर्ख लब, ये रुखसार, और ये मदहोश नज़रें..
इतने कम फासलों पर तो मयखाने भी नहीं होते।

अपने रब के फैसले पर,भला शक केसे करूँ,
सजा दे रहा है गर वो, कुछ तो गुनाह रहा होगा मेरा।

में तो आशिक़ हु सिर्फ एक बार मरूँगा,
लेकिन मेरे ‎प्यार‬ की सच्चाई जानकर वो बार बार मरेंगी।
इंतेजार भी कितनी अजीब चीज हे ना खुद करे तो,
गुस्सा आता है, और.. दूसरा कोई करे तो अच्छा लगता है।

सुनो! या तो मिल जाओ, या बिछड जाओ,
यू साँसो मे रह कर बेबस ना करो।

कुछ रिश्ते दरवाज़े खोल जाते है,
या तो दिल के, या तो आँखों के।

उनसे कह दो कोई जाकर के की हमारी सजा कुछ कम कर दे,
हम पेशे से मुजरिम नही है बस गलती से इश्क हुआ था।

मसला तो सिर्फ एहसासों का है, जनाब,
रिश्ते तो बिना मिले भी सदियां गुजार देते हैं।

आदत नहीं है मुझे सब पे फ़िदा होने की पर तुझ में,
कुछ बात ही ऐसी है की दिल को समझने का मौका ही नहीं मिला।

हलकी फुलकी सी होती है जिन्दगी,
बोझ तो ख्वाहिशों का होता है।

हमारे महफिल में, लोग बिन बुलाये आते है,
क्यूकी यहाँ स्वागत में, फूल नहीं, दिल बिछाये जाते है।

तेरा अहसास.. साथ साथ बहुत नज़ाकत से मेरे साथ रहती है,
ख़्वाबों में भी.. साथ साये की तरह ही साथ साथ चलती है।

तेरी नियत ही नहीं थी साथ चलने की,
वरना निभाने वाले रास्ता देखा नहीं करते।
कौन कहता है हम झूठ नहीं बोलते,
एक बार खैरियत पूछ के तो देखिये।

शौक से बदलो मगर इतना याद रखना
अगर हम बदले तो करवट बदलते रह जाओऊगे।

उस से नफ़रत करता तो उसकी अहमियत बढ़ जाती,
मैंने माफ़ करके उसको, शर्मिंदा कर दिया।

लाखो अदाओ की अब जरुरत ही क्या है
जब वो फिदा ही हमारी सादगी पर है।

हद करते हो यार तुम भी,
इतना प्यार वो भी सबके सामने।

टुकड़े पड़े थे राह में किसी हसीना की तस्वीर के,
लगता है कोई दीवाना आज समझदार हो गया।

मोहब्बत करने की बात हो तो किसी से भी कर लेंगे,
मगर जो मोहब्बत होने की बात है वो तो बस तुमसे है।

थोड़ा तो ऐतबार किया होता तूने मुझपर,
मुहब्बत की है तुमसे.. कोई फरेबी नहीं।

बेशक तू बदल ले अपने आप को लेकिन ये याद रखना
तेरे हर झूठ को मेरे सिवा कोई समझ नहीं सकता।

धड़कनों को भी रास्ता दे दीजिये हुजूर,
आप तो पूरे दिल पर कब्जा किये बैठे है।
ना मिल रहा है तु, ना खो रहा है तु,
ऐ मेरे यार, बडा दिलचस्प हो रहा है तु।

हम से बड़े और भी दावेदार हैं तुम्हारे,
पर हमारे जैसा जुनून लाएंगे कहां से।

पंख लगा के उड नहीं सकती चिट्ठी मेरी क्योंकि,
एहसास और अल्फाज दोनों ही बहुत भारी है इसमें।

तुम चाहे बंद कर लो दिल के दरवाजे सारे,
हम दिल मे उतर आएंगे, कलम के सहारे।

ज़ख्म ताज़ा हो तो रुक रुक के कसक होती है,
याद गहरी हो तो थम थम के क़रार आता है।

उदास कर गई आज की सुबह भी मुझे..
जैसे भुला रहा हो कोई आहिस्ता-आहिस्ता।

बिगाड़ के रख देती है ज़िन्दगी का चेहरा,
ए-मोहबत.. तू बड़ी तेजाबी चीज़ है।

उम्र भर चलते रहे, मगर कंधो पे आए कब्र तक,
बस कुछ कदम के वास्ते गैरों का अहसान हो गया।

खयालों में उसके मैंने बिता दी ज़िंदगी सारी,
इबादत कर नहीं पाया खुदा नाराज़ मत होना ।

जुल्म के सारे हुनर हम पर यूँ आजमाये गये,
जुल्म भी सहा हमने.. और जालिम भी कहलाये गये।
ज़ख्म कहां कहां से मिले है, छोड़ इन बातो को,
ज़िन्दगी तु तो ये बता, सफर कितना बाकी है।

यादे अपनी साथ ले जाओ मुझ को क्यो तड़पाती है,
मेरे ख्याल मेरे नस नस मे इस तरह कब्जा जमाती है।

पहले तुम.. अब यादें तुम्हारी,
दुश्मनी क्या है.. मुझसे तुम्हारी। 💖

आज फिर कोई दिल को इस कदर सता रहा है,
आज फिर कोई दूर जाने का इशारा करके पास बुला रहा है।

चाहत थी या, दिल्लगी या, यूँ ही मन भरमाया था,
याद करोगे तुम भी कभी, किससे दिल लगाया था! 💞

क्या बताऊं यार तुझको.. प्यार मेरा कैसा है,
चांद सा नही है वो.. चांद उसके जैसा है। 💝

तलब ये है कि मैं सर रखूँ तेरे सीने पे..
और.. तमन्ना ये कि मेरा नाम पुकारती हों धड़कनें तेरी।

काश कोई इस तरह भी वाकिफ हो मेरी जिंदगी से,
कि में बारिश में भी रोऊँ और वो मेरे आंसू पढ़ ले।

चल चलें किसी ऐसी जगह जहाँ कोई न तेरा हो न मेरा हो,
इश्क़ की रात हो और.. बस मोहब्बत का सवेरा हो..!! 💟

समंदर न सही पर एक नदी तो होनी चाहिए,
तेरे शहर में ज़िंदगी कहीं तो होनी चाहिए। 🌱
माना कि बहुत कीमती है वक़्त तेरा,
मगर.. हम भी नवाब हैं बार-बार नहीं मिलेंगे।

खेलना अच्छा नहीं किसी के नाज़ुक दिल से..
दर्द जान जाओगे.. जब कोई खेलेगा तुम्हारे दिल से।

ख़ुदा बदल न सका आदमी को आज भी यारो,
और अब तक आदमी ने सैकड़ों ख़ुदा बदले।

तुम अच्छे हो तो बेहतर, तुम बुरे हो- तो भी कबूल,
हम मिज़ाज-ऐ-दोस्ती में ऐब-ऐ-दोस्त नहीं देखा करते।

मैं ख्वाहिश बन जाऊँ, और तू रूह की तलब,
बस यूँ ही जी लेंगे दोनों मोहब्बत बनकर।

शतरंज मे वज़ीर और ज़िंदगी मे ज़मीर,
अगर मर जाए तो समझिए खेल ख़त्म।

अब इस से ज्यादा क्या नरमी बरतू
दिल के ज़ख्मो को छुया है तेरे गालों की तरह। 🌹

हुस्न भी तेरा, अदाएं भी तेरी, नखरे भी तेरे,
शोखियाँ भी तेरी, कम से कम इश्क़ तो मेरा रहने दे।

लोग कहते हैं किसी एक के चले जाने से जिन्दगी अधूरी नहीं होती,
लेकिन लाखों के मिल जाने से उस एक की कमी पूरी नहीं होती है।

कभी हमसे भी, पूछ लिया करो हाल-ए-दिल,
कभी हम भी तो कह सकें, दुआ है आपकी। 💖
यूँ असर डाला है, मतलबी लोगों ने दुनिया पर,
हाल भी पूछो तो, लोग समझते हैं कि कोई काम होगा।

कफन मे लिपटा देखकर माथा चूम के मेरे दोस्त मुझसे बोले..
अरे पागल, नऐ कपडे पहन लिये तो क्या अब बात भी नही करेगा।

तूने मेरी मोहब्बत की दीवानगी को समझा ही नहीं,
मैं बारिश में भी तेरे आसुओं को पहचान लेता था।

अजब मुकाम पे ठहरा हुआ है..
काफिला जिंदगी का, सकून ढूढनें चले थे, नींद ही गवा बैठे।

नज़रों के तीर हम भी चलाना जानते है जनाब,
बस डरते है की निशाना कहीँ दिल पे ना चल जाये।

जब तुम नही समझे तब मैंने खुदको,
कितना समझाया है.. ये तुम नही समझोगे।

मुझको छोडने की वजह तो बता जाते..
तुम हमसे बेजार थे या हम जैसे हजार थे।

सिर्फ ख्वाब होते तो क्या बात होती,
तुम तो ख्वाहिश बन बैठे, वो भी बेइंतहा।

एक मुद्दत हो गई.. तुम लड़ती नही हो हम से,
एक अरसे से फ़ीका पड़ा है, मासूम सा इश्क़ मेरा। 💝

थोडा इंतजार तो कर लेते..
वक्त ही तो खराब था दिल थोडी था।
काश तेरी यादों में एक ऎसा मोड आ जाये,
जहाँ में आँखे बन्द करु और मुझे नींद आ जाये।

तेरे खामोश होठों पर मुहोब्बत गुन्गुनाती है,
तु मेरि है मैं तेरा हु बस यही आवाज़ आती है।

अगर निगाहे हो मंज़िल पर और कदम हो राहो पर,
ऐसी कोई राह नही जो मंज़िल तक ना जाती हो।

मुझे मंज़ूर थे वक़्त के हर सितम मगर,
उनसे बिछड़ जाना, ये सज़ा कुछ ज्यादा हो गई।

इश्क है या इबादत.. अब कुछ समझ नहीं आता,
एक खुबसूरत ख्याल हो तुम जो दिल से नहीं जाता।

तुझे छोड़ दूं तुझे भूल जाऊँ कैसी बातें करते हो,
सूरत तो सूरत है मुझे तो तेरे नाम के लोग भी अच्छे लगते है।

एक तू है जिसे परवाह नहीं मेरी,
एक मैं हूँ जो परेशान तेरे लिए।

कैसे मुमकिन था किसी और दवा से इलाज ग़ालिब,
इश्क़ का रोग था, बाप की चप्पल से ही आराम आया।

तुम्हारी बेरूखी ने लाज रख ली बादाखाने की,
तुम आंखों से पिला देते तो पैमाने कहाँ जाते।

अल्फाज कहाँ से लाँऊ.. तेरी बंदगी के,
महसुस हो कर बिछड़ जाते हो.. बिल्कुल हवा की तरह।
मन्नते और मिन्नते कुछ भी काम नहीं आता..
चले ही जाते हैं वो जिन्हें, जाना होता है।

मोहब्बत की हवा और मेडिकल की दवा,
इंसान की तबियत बदल देती है!

कुछ आपका अंदाज है.. कुछ मौसम रंगीन है,
तारीफ करूँ या चुप रहूँ.. जुर्म दोनो संगीन है।

कौन कहता है कि हम झूठ नही बोलते,
एक बार खैरियत तो पूछ के देखिये।

रिश्तों के दलदल से, कैसे निकलेंगे,
जब हर साज़िश के पीछे, अपने निकलेंगे।

दिल लगाना बड़ी बात नही..
दिल से निभाना बड़ी बात है। 💐

ग़लतफहमी में जीने का मज़ा कुछ और ही है..
वरना हकीकतें तो अक्सर रुला देती है।

सांस के साथ अकेला चल रहा था,
सांस गई तो सब साथ चल रहे थे।

गर तुम-सी कोई वजह नही..
तो जीने में कोई मज़ा नही.!! 💔

शाम होतीं हैं परिन्दे घर को आते हैं..
और हम तो दिवानें हैं, तेरे ख्यालों में खो जाते हैं।
मैं नींद का शौक़ीन ज्यादा तो नहीं,
लेकिन कुछ खवाब ना देखूं तो गुज़ारा नहीं होता।

ना जाने.. करीब आना किसे कहते है,
मुझे तो.. आपसे दूर जाना ही नही आता।

इश्क़ वो नहीं जो तुझे मेरा कर दे,
इश्क़ वो है जो तुझे किसी और का ना होने दे। 💞

तेरे साथ के आगे जन्नत कुछ भी नहीं,
और तेरे साथ के सिवा मेरी कोई मन्नत भी नही।

फासला रख के क्या हासिल कर लिया तुमने,
रहते तो आज भी तुम मेरे दिल में ही हो।

जिन्दगी की हर तपिश को मुस्कुरा कर झेलिए,
धूप कितनी भी हो समंदर सूखा नही करते।

नज़्मों-ग़ज़ल सी याद है हर इक बात तुम्हारी,
मेरी किताब में मेरा लिखा कुछ भी तो नहीं।

ज़िंदगी का मेरी, सिवाये सांसों के सबूत क्या है,
अजीयत ये है दिल की, कि इसका वजूद क्या है।

तुम आए हो ना, शब-ए-इंतज़ार गुज़री है,
तलाश में है सहर, बार बार गुज़री है।

ना हीरो की तमन्ना है और ना परियों पे मरता हूँ..
वो एकभोली सी लडकी हे जिसे मैं मोहब्बत करता हूँ।
तेरी मुहब्बत पर मेरा हक तो नही पर दिल चाहता है,
आखरी सास तक तेरा इंतजार करू।

मोहब्बत यूँ ही किसी से हुआ नहीं करती,
अपना वजूद भूलाना पडता है, किसी को अपना बनाने के लिए।

दुनिया में बहुत से लोग आईना देख कर डर जाते,
अगर.. आईने में चेहरा नहीं चरित्र दिखाई देता।

न लौटने की हिम्मत है न सोचने की फुर्सत
बहुत दूर निकल आए हैं तुमको चाहते हुए।

अल्फ़ाज कहाँ से लाऊं तेरी बंदगी के मैं
महसुस होकर बिछड़ जाते हो बिल्कुल हवा की तरह।

देखी है बेरुखी की आज हम ने इन्तेहाँ
हमपे नजर पड़ी तो वो महफ़िल से ही उठ गए।

कभी इतना मत मुस्कुराना की नजर लग जाए जमाने की,
हर आँख मेरी तरह मोहब्बत की नही होती।

प्यार एक झटके में हो जाता है पर उसे..
पूरा करने के लिए बहुत सारे झटके लगाने पड़ते हैं। 😉
अपने दिल में रहने दो ना मुझे,
कसम से बाहर बहुत गर्मी है..!! 😜

कितना ही जानलेवा फिगर क्यों न हो तेरा.. पर सुन पगली,
ईतना मत ईतरा हमारी तारीफ के बीना सब अधूरा है।

इस गर्मी की वजह से हालात ऐसे हो गये हैं कि ..
आजकल तजुरबा लिखा हुआ भी पड़ने में तरबूजा ही आता है। 🍉

प्यार की गहराई का पता तब चलता है,
जब बिस्तर पर लड़की पूछ ले.. पूरा चला गया क्या? 😜

दुनिया के सारे झूठ एक तरफ,
ऊपर-ऊपर से करूँगा वाला झूठ एक तरफ। 😜

एयरफोर्स में जाना था, दोस्तों..
पर जिंदगी रास्ते बदल कर, मैनफोर्स में घुस गई।

वो दोस्त उम्र भर क्या साथ देंगे जिन्होने..
चौराहे पर पुलिस देखकर बाइक से उतार दिया।

खून में तेरे मिट्टी, मिट्टी में तेरा खून..
ऊपर सूरज, नीचे डामर, बीच में मई और जून।

मटर पनीर समझ कर दोस्त बनाए थे ..
साले सब के सब टिंडे निकले..!!

सुना है तुम्हारी एक निगाह से कत्ल होते हैं लोग..
एक नज़र हमको भी देख लो.. ज़िन्दगी अच्छी नहीं लगती..!!
वो इतना रोई मेरी मौत पर मुझे जगाने के लिए..
मैं मरता ही क्यूँ अगर वो थोडा रो देती मुझे पाने के लिए..!!

खुद भी रोता है, मुझे भी रुला के जाता है..
ये बारिश का मौसम, उसकी याद दिला के जाता हैं।

बड रहा है दर्द गम उस को भूला देने के बाद
याद उसकी ओर आई खत जला देने के बाद!

निगाहों से भी चोट लगती है.. जनाब..
जब कोई देख कर भी अन्देखा कर देता है..!!

वो दुआएं काश मैने दीवारों से मांगी होती,
ऐ खुदा.. सुना है कि उनके तो कान होते है!!

आईना आज फिर रिशवत लेता पकडा गया,
दिल में दर्द था ओर चेहरा हंसता हुआ पकडा गया

इश्क है या इबादत.. अब कुछ समझ नहीं आता,
एक खुबसूरत ख्याल हो तुम जो दिल से नहीं जाता.

लोगो ने कुछ दिया, तो सुनाया भी बहुत कुछ
ऐ खुदा.. एक तेरा ही दर है, जहा कभी ताना नहीं मिला!!

कहीं फिसल न जाऊं तेरे ख्यालों में चलते चलते,
अपनी यादों को रोको मेरे शहर में बारिश हो रही है !!

फ़िक्र तो तेरी आज भी है..
बस .. जिक्र का हक नही रहा।
तुमसे ऐसा भी क्या रिश्ता हे?
दर्द कोई भी हो.. याद तेरी ही आती हे।

काग़ज़ पे तो अदालत चलती है..
हमने तो तेरी आँखो के फैसले मंजूर किये।

एम्बुलेंस सा हो गया है ये जिस्म,
सारा दिन घायल दिल को लिये फिरता है।

हम तो बिछडे थे तुमको अपना अहसास दिलाने के लिए,
मगर तुमने तो मेरे बिना जीना ही सिख लिया।

ताला लगा दिया दिल को.. अब तेरे बिन किसी का अरमान नहीं..
बंद होकर फिर खुल जाए, ये कोई दुकान नहीं।

सिखा दिया दुनिया ने मुझे अपनो पर भी शक करना
मेरी फितरत में तो गैरों पर भी भरोसा करना था..!!

जो इस दुनियाँ में नहीं मिलते , वो फिर किस दुनियाँ में मिलेंगे जनाब..
बस यही सोचकर रब ने एक दुनियाँ बनायी , जिसे कहते हैं ख्वाब।

जुनून, हौसला, और पागलपन आज भी वही है
मैंने जीने का तरीका बदला है तेवर नहीं..!!

हम ने भी कह दिया उनसे की बहुत हो गयी जंग बस..
बस ए मोहब्बत तुझे फ़तेह मुबारक मेरी शिक्स्त हुई।

मुमकिन नहीं है हर रोज मोहब्बत के नए किस्से लिखना,
मेरे दोस्तों अब मेरे बिना अपनी महफ़िल सजाना सीख लो।
कल क्या खूब इश्क़ से मैने बदला लिया,
कागज़ पर लिखा इश्क़ और उसे ज़ला दिया।

ये ही एक फर्क है तेरे और मेरे शहर की बारिश में
तेरे यहाँ ‘जाम’ लगता है, मेरे यहाँ ‘जाम’ लगते हैं।

हाल तो पूछ लू तेरा पर डरता हूँ आवाज़ से तेरी,
ज़ब ज़ब सुनी है कमबख्त मोहब्बत ही हुई है।

रुकी-रुकी सी लग रही है नब्ज-ए-हयात,
ये कौन उठ के गया है मेरे सिरहाने से।

आंसू निकल पडे ख्वाब मे उसको दूर जाते देखकर,
आँख खुली तो एहसास हुआ इश्क सोते हुए भी रुलाता है।

यू तो अल्फाज नही हैं आज मेरे पास मेहफिल में सुनाने को,
खैर कोई बात नही, जख्मों को ही कुरेद देता हूँ।

मेरी आँखों में मत ढूंढा करो खुद को,
पता है ना.. दिल में रहते हो खुदा की तरह।

तुम्हारा क्या बिगाड़, था जो तुमने तोड़ डाला है,
ये टुकडे मैं नही लूँगा मुझे तुम दिल बना कर दो।

मुमकिन नहीं है हर रोज मोहब्बत के नए किस्से लिखना,
मेरे दोस्तों अब मेरे बिना अपनी महफ़िल सजाना सीख लो।

जिन्दगी की राहों में मुस्कराते रहो हमेशा,
उदास दिलों को हमदर्द तो मिलते हैं, हमसफ़र नहीं !!
ना प्यार कम हुआ है ना ही प्यार का अहेसास,
बस उसके बिना जिन्दगी काटने की आदत हो गई है !!

तेरी यादों ने मुझे क्या खूब मशरूफ किया है ऐ सनम..
खुद से मुलाकात के लिए भी वक़्त मुकर्रर करना पड़ता है।

तुम्हारी याद ऐसे महफूज़ है मेरे दिल मे,
जैसे किसी गरीब ने रकम रक्खी हो तिजोरी में.!!

इश्क़ है या कुछ और ये तो पता नहीं ,
पर जो तुमसे है वो किसी और से नही..!!

ए खुदा अगर तेरे पेन की श्याही खत्म है
तो मेरा लहू लेले, यू कहानिया अधूरी न लिखा कर।

तेरी जगह आज भी कोई नहीं ले सकता ,
पता नहीं वजह तेरी खूबी है या मेरी कमी..!!

तुम्हारा साथ तसल्ली से चाहिए मुझे..
जन्मों की थकान लम्हों में कहाँ उतरती है !!

यूँ तो शिकायते आप से सैंकड़ों हैं मगर..
आप एक मुस्कान ही काफी है मनाने के लिये।

मोहब्बत की आजमाइश दे दे कर थक गया हूँ ऐ खुदा..
किस्मत मेँ कोई ऐसा लिख दे, जो मौत तक वफा करे।

मुझे भी सिखा दो भूल जाने का हुनर..
मैं थक गया हूँ हर लम्हा हर सांस तुम्हें याद करते करते..!!
सिलसिला ये चाहत का दोनो तरफ से था,
वो मेरी जान चाहती थी और मैं जान से ज्यादा उसे।

शायद कुछ दिन और लगेंगे, ज़ख़्मे-दिल के भरने में,
जो अक्सर याद आते थे वो कभी-कभी याद आते हैं।

अपने वजूद पर इतना न इतरा ए ज़िन्दगी..
वो तो मौत है जो तुझे मोहलत देती जा रही है!!

होता अगर मुमकिन, तुझे साँस बना कर रखते सीने में,
तू रुक जाये तो मैं नही, मैं मर जाऊँ तो तू नही.

आज तो हम खूब रुलायेंगे उन्हें,
सुना है उसे रोते हुए लिपट जाने की आदत है!

आज भी प्यारी है मुझे तेरी हर निशानी ..
फिर चाहे वो दिल का दर्द हो या आँखो का पानी।

उम्र छोटी है तो क्या, ज़िंदगी का हरेक मंज़र देखा है,
फरेबी मुस्कुराहटें देखी हैं, बगल में खंजर देखा।

मुश्किल नहीं है कुछ दुनिया में, तू जरा हिम्मत तो कर…
खवाब बदलेगें हकीकत में.. तू ज़रा कोशिश तो कर।

वफ़ा के वादे वो सारे भुला गयी चुप चाप,
वो मेरे दिल की दीवारें हिला गयी चुप चाप।मंज़िलों से गुमराह भी कर देते हैं कुछ लोग
हर किसी से रास्ता पूछना अच्छा नहीं होता.
दिल से पूछो तो आज भी तुम मेरे ही हो
ये ओर बात है कि किस्मत दग़ा कर गयी।

कौन कहता है मुसाफिर जख्मी नही होते
रास्ते गवाह हैं कम्बख्त गवाही नही देते।

अब जुदाई के सफ़र को मिरे आसान करो
तुम मुझे ख़्वाब में आ कर न परेशान करो ।

इक रात चाँदनी मिरे बिस्तर पे आई थी
मैं ने तराश कर तिरा चेहरा बना दिया ।

न तो देर है, न अंधेर है .. रे मानव!
तेरे कर्मों का सब फेर है .. शुभ रात्रि।

सुख भोर के टिमटिमाते हुए तारे की तरह है
देखते ही देखते ये ख़त्म हो जाता है …!

जब भी अंधेरा गहराता है…
उजाला उसका समाधान बनकर आ जाता है…!

एक ही समानता है…पतंग औऱ जिन्दगी में
ऊँचाई में हो तब तक ही ‘वाह – वाह’ होती है ।

Kuch door tak to jaise koi mere sath tha
Phir… apne sath aap hi chalna paDa mujhe!

मैं कड़ी धुप में चलता हु इस यकींन के साथ,
मैं जलूँगा तो मेरे घर में उजाले होंगे.!!
इस सफ़र में नींद ऐसी खो गई..
हम न सोए रात थक कर सो गई.

लफ़्ज़ों से बना इंसाँ लफ़्ज़ों ही में रहता है..
लफ़्ज़ों से सँवरता है लफ़्ज़ों से बिगड़ता है .

ज़िंदगी ज़ोर है रवानी का… क्या थमेगा बहाव पानी का.

रोती है आँख जलता है ये दिल जब..
अपने घर के फेंके दिये से आँगन पराया जगमगाता है.

क्या साथ लाए क्या छोड़ आए..
रस्ते में हम मंज़िल पे जा के ही याद आता है.

आदमी मुसाफ़िर है आता है जाता है..
आते-जाते रस्ते में यादें छोड़ जाता है.

कोई भी हो हर ख़्वाब तो अच्छा नही होता..
बहुत ज्यादा प्यार भी अच्छा नहीं होता है.

इन ग़म की गलियों में कब तक ये दर्द हमें तड़पाएगा..
इन रस्तों पे चलते-चलते हमदर्द कोई मिल जाएगा.

जो बात निकलती है दिल से कुछ उसका असर होता है..
कहने वाला तो रोता है सुनने वाला भी रोता है.

हर रिश्ते मे सिर्फ नूर बरसेगा..
शर्त बस इतनी है कि रिश्ते में शरारतें करो साजिशें नहीं।
मोहब्बत अब समझदार हो गयी है
हैसियत देख कर आगे बढ़ती है।

आराम से कट रही थी तो अच्छी थी जिंदगी
तू कहाँ इन आँखों की बातों में आ गयी।

हीरों की बस्ती में हमने कांच ही कांच बटोरे हैं
कितने लिखे फ़साने फिर भी सारे कागज़ कोरे है।

दिलों में खोट है ज़ुबां से प्यार करते हैं
बहुत से लोग दुनिया में यही व्यापार करते हैं।

सज़ा मिली है इसे, इसकी वफाओं के लिये!
दिल वो मुज़रिम है के, जिस पर कोई इल्ज़ाम नहीं!

मेरे मुन्सिफ को मगर, ये भी तो मंज़ूर न था!
दिल ने इन्साफ ही माँगा था, कुछ ईनाम नहीं!

खुशबु आ रही है कहीं से ताज़े गुलाब की
शायद खिड़की खुली रेह गई होगी उनके मकान की।

तेरी मोहब्बत की तलब थी इस लिए हाथ फैला दिए
वरना हमने तो कभी अपनी ज़िंदगी की दुआ भी नही माँगी।

बेगुनाह कोई नहीं, सबके राज़ होते हैं..
किसी के छुप जाते हैं, किसी के छप जाते हैं..।

क्या नाम दूँ मैं अपनी मोहब्बत को..
कि ये तेरा सिवा किसी और से होती ही नहीं..!! ‪
कौन कहता है संवरने से बढ़ती है खूबसूरती…
दिलों में चाहत हो तो चेहरे यूँ ही निखर आते है..!!

जिसको तलब हो हमारी, वो लगाये बोली,
सौदा बुरा नहीं… बस “हालात” बुरे है..!!

मैं भी खरीददार हूं मैं भी खरीदूंगा..
प्यार कहां बिकता है पता बताना यारों..!!

उन लोगों की उम्मीदों को कभी टूटने ना दे..!!
जिनकी आखरी उम्मीद सिर्फ आप ही है..!!

निकाल दिया उसने हमें अपनी ज़िन्दगी से भीगे कागज़ की तरह,
ना लिखने के काबिल छोड़ा, ना जलने के..!!

तेरी ज़िन्दगी में ना सही…
पर तारीख में तो आज भी 13 ही हूँ..!!

जरूरी नहीं की हर बात पर तुम मेरा कहा मानों,
दहलीज पर रख दी है चाहत, आगे तुम जानो..!!

Meri zindagi se khelna to sab ki aadat ban gayi hai,
Kash hum khilona ban ke bikte to Aaj kisi ek ke to ho hi jate…
Kash tum humare hote saas hi ruk jati,
Agar ye lafz tumhre hote.

Mohabbat hamari bhi asar rakhti hai,
Buhat yaad aayege zara bhool kar to dekho..!!!

Baad Marne Ke Bhi Usne Chhora Na Dil Jalana..
Roz Phaink jata Hai Phool Sath wali Qabar Par,

Nahin karenge aaj k bad kabhi mannte tumhri,
Khuda jab raazi hoga tab tum to kya har cheez meri hogi..

Kal ki Raat Ka Aalam Is Kadar Tha Yaaro,
Uski Yado Ne Meri Ankho Ko Sone Na Diya..

Teri Judai Ke Shikwey Mai Kis Se Karoon!!
Yaha Her Koi Ab Bhi Tujhe Mera Samjhta Hai!!

Aaj phir zindagi ne ek naya Sabaq diya,
Aaj phir Apno ne mujhe gair kar diya.तुम दूर..बहुत दूर हो मुझसे.. ये तो जानता हूँ मैं…
पर तुमसे करीब मेरे कोई नही है.. बस ये बात तुम याद रखना…
तुझे पाना.. तुझे खोना.. तेरी ही याद मेँ रोना
ये अगर इश्क है.. तो हम तनहा ही अच्छेँ हैँ.!!

कभी किसी के जज्बातों का मजाक ना बनाना.
ना जाने कौन सा दर्द लेकर कोई जी रहा होगा..

कुछ तो है जो बदल गया जिन्दगी में मेरी
अब आइने में चेहरा मेरा हँसता हुआ नज़र नहीं आता…

उमर बीत गई पर एक जरा सी बात समझ में नहीं आई
हो जाए जिनसे महोब्बत, वो लोग कदर क्यूं नहीं करते

यूँ तो कोई शिकायत नहीं मुझे मेरे आज से,
मगर कभी-कभी बीता हुआ कल बहुत याद आता है…

अपने हर लफ्ज़ में कहर रखते हैं हम,
रहें खामोश फिर भी असर रखते हैं हम..

बडी अजीब मुलाकातें होती थी हमारी,
वो किसी मतलब से मिलते थे और हमे तो सिर्फ मिलने से मतलब था…

अब ये न पूछना की . . ये अल्फ़ाज़ कहाँ से लाता हूँ
कुछ चुराता हूँ दर्द दूसरों के, कुछ अपना हाल सुनाता हूँ

तूफान भी आना जरुरी है जिंदगी में तब जा कर पता चलता है की
कौन हाथ छुड़ा कर भागता है और कौन हाथ पकड़ कर

तेरे एहसासों में जो सुकून है..
वो नींद में कहाँ ..
अजीब किस्सा है जिन्दगी का,
अजनबी हाल पूछ रहे हैं और अपनो को खबर तक नहीं..

ये जो हालात हैं एक रोज सुधर जायेंगे..
पर कई लोग मेरे दिल से उतर जायेंगे..

मुजे ऊंचाइयों पर देखकर हैरान है बहुत लोग..
‪‎पर‬ किसी ने मेरे पैरो के छाले नहीं देखे..

मिठास रिश्तों कि बढाए तो कोई बात बने..
मिठाईयाँ तो हर साल मीठी ही बनती है..

अपनी जिंदगी अजीब रंग में गुजरी है..
राज किया दिलों पे और तरसे मोहब्बत को..

बेवक्त बेवजह बेसबब सी बेरुखी तेरी,
फिर भी बेइंतहा तुझे चाहने की बेबसी मेरी !

वहम से भी अक्सर खत्म हो जाते हैं कुछ रिश्ते..
कसूर हर बार गल्तियों का नही होता..

किसकी खातिर अब तु धड़कता है ऐ दिल..
अब तो कर आराम, कहानी खत्म हुई !

तेरा नजरिया मेरे नजरिये से अलग था…
शायद तूने वक्त गुजारना था और हमे सारी जिन्दगी..
वाह रे इश्क़ तेरी मासूमियत का जवाव नहीं.।।
हँसा हँसा कर करता है बर्बाद तू मासूम लोगो को.।।

Mera majhab to, ye do hatheliya batati hai
jude to pooja… khule to dua kehlati hai

ना मैं शायर हूँ ना मेरा शायरी से कोई वास्ता,
बस शौक बन गया है, तेरी यादो को बयान करना

फरिश्ते आकर उनके जिस्म पर खुशबू लगाते थे !
वो बच्चे रेल के डिब्बों में अब झाडू लगाते हैं !!

जिन्हें पता है कि अकेलापन क्या होता है, वो लोग
दूसरों के लिए हमेशा हाजिर रहते हैं..!!

तमन्नाओ की महफ़िल तो हर कोई सजाता है,
पूरी उसकी होती है जो तकदीर लेकर आता है..!!

रूठा अगर तुझसे तो इस अंदाज से रूठूंगा ,
तेरे शहर की मिट्टी भी मेरे बजूद को तरसेगी

हम लाए हैं तूफान से किश्ती निकाल के,
इस देश को रखना मेरे बच्चों सम्भाल के

जिम्मेदारियां बांध देती हैं अपना शहर न छोड़नेको..
वरना कौन तरक्की की सीढीयां चढ़ना नहीं चाहता..एक उमर बीत चली है तुझे चाहते हुए,
तू आज भी बेखबर है कल की तरह।
जब नफ़रत करते करते थक जाओ..
तो एक मौका प्यार को भी दे देना।

खामोशियाँ बहुत कुछ कहती हैं,
कान नही दिल लगा कर सुनना पड़ता है।

मैंने उसे बोला ये आसमान कितना बड़ा है ना,
पगली ने गले लगाया और कहा इससे बड़ा तो नहीं।

देखते हैं अब क्या मुकाम आता है साहेब,
सूखे पत्ते को इश्क़ हुआ है बहती हवा से।

मैने जो पुछा उनसे कि.. यूँ बात बात पे रूलाते क्युँ हो..
वो बङे प्यार से बोली, मुझे बहता हुआ पानी बेहद पंसद है।

शायरी लिखना बंद कर दूंगा अब मैं यारो..
मेरी शायरी की वजह से दोस्तों की आँखों में आंसू अब देखे नहीं जाते।

जाते जाते उसने पलटकर सिर्फ इतना कहा मुझसे,
मेरी बेवफायी से ही मर जाओगे या मार के जाऊ!।

ठहर सके जो.. लबों पे हमारे,
हँसी के सिवा, है मजाल किसकी।

तुम पल भर के लिए दूर क्या जाते हो,
तो हम ‘बिखरने’ से लगते हैं।

तेरी यादें हर रोज़ आ जाती है मेरे पास,
लगता है तुमने बेवफ़ाई नही सिखाई इनको..!!

हमे हारने का शोख नहीँ,
बस हम खेलते हे उस अंदाज से की लोग मैदान छोड देते हैं..!!

कुछ इस तरह खूबसूरत रिश्ते टूट जाया करते हैं,
जब दिल भर जाता है.. तो लोग अक्सर रूठ जाया करते हैं..!!

क्या ऎसा नहीं हो सकता के हम तुमसे तुमको माँगे,
और तुम मुस्कुरा के कहो के अपनी चीजें माँगा नहीं करते..!!

जो आज तेरे पास है वो हमेशा नहीं रहेगा,
कुछ दिन बाद तू आज जैसा नहीं रहेगा..!!

जब कागज़ पर लिखा मैंने माँ का नाम,
कलम अदब से बोल उठी हो गए चारों धाम..!!

सुनो, एकदम से जुदाई मुश्किल है,
मेरी मानों कुछ किश्तें तय कर लो..!!

ये जो तुम मेरा हालचाल पूछते हो,
बड़ा ही मुश्किल सवाल पूछते हो..!!

फिर तेरी याद, फिर तेरी तलव,
फिर तेरी बातें, ऐसे लगता है ऐ दिल तुझे मेरा सकून नही आता..!!

तोड़ दो ना वो कसम जो खाई है,
कभी कभी याद कर लेने में क्या बुराई है..!!

सुकून की बातमत कर ऐ दोस्त..
बचपन वाला ‘इतवार’ जाने क्यूँ अब नहीं आता।
मैंने कहा बहुत प्यार आता है तुम पर..
वो मुस्कुरा कर बोले और तुम्हे आता ही क्या है।

चेहरा बता रहा था कि मारा है भूख ने,
सब लोग कह रहे थे कि कुछ खा के मर गया।

सिखा दी बेरुखी भी ज़ालिम ज़माने ने तुम्हें,
कि तुम जो सीख लेते हो हम पर आज़माते हो।

वो जिनके हाथ में.. हर वक्त छाले रहते हैं..
आबाद उन्हीं के दम पर.. महल वाले रहते हैं|

ना शौक दीदार का, ना फिक्र जुदाई की,
बड़े खुश नसीब हैँ वो लोग … जो, मोहब्बत नहीँ करतेँ!

मोहब्बत कर सकते हो तो खुदा से करो ‘दोस्तों’
मिट्टी के खिलौनों से कभी वफ़ा नहीं मिलती

कुछ इस तरह बुनेंगे हम अपनी तकदीर के धागे
कि अच्छे अच्छो को झुकना पड़ेगा हमारे आगे!

बहुत ज़ालिम हो तुम भी मुहब्बत ऐसे करते हो
जैसे घर के पिंजरे में परिंदा पाल रखा हो|

मेरे अन्दर कुछ टूटा है
बस दुआ करो वो दिल ना हो…!!!!!

रोना ही है ज़िन्दगी तो हँसाया क्यो..
जाना था दूर तो नज़दीक़ आया ही कयो..
रोने से और इश्क़ मे बे-बाक हो गए..
धोए गए हम इतने कि बस पाक हो गए।

कुछ लोग जमाने में ऐसे भी तो होते हैं..
महफिल में तो हंसते हैं तन्हाई में रोते हैं !!

तूने मेरा आज देख के मुझे ठुकराया है…
हमने तो तेरा गुजरा कल देख के भी मोहब्बत की थी|

एहसान जताना जाने कैसे सीख लिया..
मोहब्बत जताते तो कुछ और बात थी।

कितने मज़बूर है हम तकदीर के हाथो..
ना तुम्हे पाने की औकात रखतेँ हैँ, और ना तुम्हे खोने का हौसला.!!

पहले ज़मीं बाँटी फिर घर भी बँट गया..
इनसान अपने आप मे कितना सिमट गया|

रूकता भी नहीं ठीक से चलता भी नही..
यह दिल है के तेरे बाद सँभलता ही नही|

सुनो एक बार और मोहब्बत करनी है तुमसे,
लेकिन इस बार बेवफाई हम करेंगे.

तकलीफ़ मिट गई मगर एहसास रह गया..
ख़ुश हूँ कि कुछ न कुछ तो मेरे पास रह गया|

पंखों को खोल कि ज़माना सिर्फ उड़ान देखता है,
यूँ जमीन पर बैठकर, आसमान क्या देखता है|
ईश्क की गहराईयो में खूब सूरत क्या है,
मैं हूं , तुम हो, और कुछ की जरूरत क्या है!

जब कभी टूट कर बिखरो तो बताना हमको,
हम तुम्हें रेत के जर्रों से भी चुन सकते हैं|

कुछ इस तरह फ़कीर ने ज़िन्दगी की मिसाल दी,
मुट्ठी में धूल ली और हवा में उछाल दी !

तुम ना लगा पाओगे अंदाजा मेरी तबाही का…!!
तुमने देखा ही कहाँ है मुझको शाम होने के बाद…!!

उन घरों में जहाँ मिट्टी के घड़े रहते हैं,
क़द में छोटे हों मगर लोग बड़े रहते हैं|

मरने के नाम से जो रखते थे होठों पे उंगलियां,
अफसोस वही लोग मेरे दिल के कातिल निकले|

सच्चाई थी पहले के लोगों की जबानों में
सोने के थे दरवाजे मिट्टी के मकानों में !!

झूठ कहते हैं लोग कि मोहब्बत सब कुछ #छीन लेती है,
मैंने तो मोहब्बत करके, ग़म का खजाना पा लिया|

मुझे मेरी माँ ने एक ही बात सिखाई है,
बेटा कोई हाथ से छीन के लेकर जा सकता है..पर नसीब से नही|

Jab tak bika na tha to koi poochta na tha,
Tune mujhe khareed ke anmol kar diya..
Main toh bik jaun tere naam pe maut ki tarah,
Tu kabhi kharidar to ban, is zingadi ke bazaar mein..

Suna hai aaj bik raha hai ishq baazaar mein,
koi unse pooche kya wafa bhi saath dete ho..

Hum ne tere baad na rakhi kisi se mohabbat ki aas;
Ek shakhs hi bahut tha, jo sub kuch sikha gaya.

Woh khud par garoor karte hai, to isme hairat ki koi baat nahi.
Jinhe hum chahte hai, woh aam ho hi nahi sakte.

Hum bhi bikne gaye the bazaar-e-ishq mein,
Kya pata tha wafa karne walon ko log khareeda nahi karte.

Tamam umr usi ke khayal mein guzar gayi,
Jise umr bhar mera khayal na aaya..

Koi batayega kaise dafnate hain unko,
Woh khwab jo dil mein hi mar jate hain..

Usne kaha tha aankhen bhar ke dekha kar mujhe,
Yaaron ab aankhen to bhar aati hai par vo nahi dekhte..

Main bhi kabhi hasta khelta tha
kal ek purani tasveer mein dekha tha khud ko..

Odh kar mitti ki chadar benishan ho jayenge,,
Ek din aayega hum bhi dastaan ho jayenge..

Raat shama bujha ke bahut der tak mehfil sajai humne,
Main apne dil ke liye rota raha aur yeh dil tere liye..

Seekh jao waqt par kisiki chahat ki qadar karna,
Kahin koi thak na jaye tumhein ehsaas dilate dilate..

Na tha koi hamara na ham kisi ke hain,
Bus ek Khuda hai aur hum usi ke hain..

Shohrat to janaze ke din pata chalegi,
Daulat to koi bhi kama leta hai..

बस तुम्हेँ पाने की तमन्ना नहीँ रही..
मोहब्बत तो आज भी तुमसे बेशुमार करतेँ हैँ.!!
इन्सान सब कुछ कॉपी कर सकता हैं,,,
लेकिन किस्मत और नसीब नही.. ☝

कभी रजामंदी, तो कभी बगावत है इश्क..
मोहब्बत राधा की है, तो मीरा की इबादत है इश्क..!! ?

नहीं मांगता ऐ खुदा कि,जिंदगी सौ साल की दे..
दे भले चंद लम्हों की, लेकिन कमाल की दे..!!! ?

कोई ? माल में खुश है कोई सिर्फ ? दाल में खुश है
खुशनसीब है वो लोग.. जो हर हाल में ☺ खुश है..!! ?

किताबें भी बिल्कुल मेरी तरह हैं
अल्फ़ाज़ से भरपूर मगर ख़ामोश..!!

निकली थी बिना नकाब आज वो घर से
मौसम का दिल मचला लोगोँ ने भूकम्प कह दिया
अगर तुम समझ पाते मेरी चाहत की इन्तहा
तो हम तुमसे नही तुम हमसे मोहब्बत करते

अमीरों के लिए बेशक तमाशा है ये जलजला,
गरीब के सर पे तो आसमान टुटा होगा.

नफरत ना करना पगली हमे बुरा लगेगा. . . .
बस प्यार से कह देना अब तेरी जरुरत नही है. .

कुछ इसलिये भी ख्वाइशो को मार देता हूँ
माँ कहती है घर की जिम्मेदारी है तुझ पर

नफरत ना करना पगली हमे बुरा लगेगा. . . .
बस प्यार से कह देना अब तेरी जरुरत नही है. .

जो मेरे बुरे वक्त में मेरे साथ है
मे उन्हें वादा करती हूँ मेरा अच्छा वक्त सिर्फ उनके लिए होगा

ये जो छोटे होते है ना दुकानों पर होटलों पर और वर्कशॉप पर
दरअसल ये बच्चे अपने घर के बड़े होते है

कुछ लोग आए थे मेरा दुख बाँटने
मैं जब खुश हुआ तो खफा होकर चल दिये

मोत से तो दुनिया मरती हैं
आशीक तो बस प्यार से ही मर जाता हैं

दिल टूटने पर भी जो शख्स आपसे शिकायत तक न कर सके…
उस शख्स से ज्यादा मोहब्बत आपको कोई और नही कर सकता

कैसा सितम है आपका ये, की रोने भी नही देता..
करीब आते नहीं और खुद से जुदा होने भी नहीं देता।
नज़र चाहती है दीदार करना, दिल चाहता है प्यार करना,
क्या बताएं इस दिलका आलम, नसीब मैं लिखा है इंतज़ार करना..

चलो उसका नही तो खुदा का एहसान लेते हैं…
वो मिन्नत से ना माना तो मन्नत से मांग लेते हैं..

दो रास्ते जींदगी के, दोस्ती और प्यार.!
एक जाम से भरा, दुसरा इल्जाम से..!

ज़िन्दगी ने मर्ज़ का क्या खूब इलाज सुझाया,
वक्त को दवा बताया
ख्वाहिशों से परहेज़ बताया|

मोहब्बत खो गयी मेरी, बेवफ़ाई के दलदल में,
मगर इन पागल आँखो को, आज भी तेरी तलाश रहती है|

थोङा ऐतबार करो मुझ पर
दोस्त हूँ मैं, कोई गैर नही
मुहब्बत हुई है, गुनाह तो नही..

अब जो रूठोगे तोह हार जाउंगी..
मानाने का हुनर भूल चुकी हु|

टूट जायेगी तुम्हारी ज़िद की आदत उस दिन,
जब पता चलेगा की याद करने वाला अब याद बन गया..

“उसे कह दो कि वो किसी और से,मुहब्बत कि ना सोचें,
एक हम ही काफी है,उसे उम्र भर चाहने के लिए..!!”

तेरी मुहब्बत पर मेरा हक तो नही पर दिल चाहता है,
आखरी सास तक तेरा इंतजार करू!
काश तू बस इतनी सी मोहब्बत निभा दे..
जब मैं रूठूँ तो तू मुझे मना ले…!

बस रिश्ता ही तो टूटा है,
मोहब्बत तो आज भी हमे उनसे है….

रंज़िश ही सही दिल ही दुखाने के लिए आ..
आ फिरसे मुझे छोड़के जानेके लिए आ|

मोहब्बत करने से फुरसत नहीं मिली यारो..
वरना हम करके बताते नफरत किसको कहते है|

कोई ठुकरा दे तो हँसकर जी लेना,
क्यूँकि मोहब्बत की दुनिया में ज़बरजस्ती नहीं होती!

दीवानगी मे कुछ एसा कर जाएंगे..
महोब्बत की सारी हदे पार कर जाएंगे।

तेरी तो फितरत थी सबसे मोहब्बत करने की,
हम तो बेवजह खुद को खुशनसीब समझने लगे|

बस यही दो मसले, जिंदगीभर ना हल हुए!!!
ना नींद पूरी हुई, ना ख्वाब मुकम्मल हुए!!!

यू तो खुश है, जमाना मेरी शोहरत से..
मगर कुछ लोग हैं, जिनका दम निकलता हैं|

Ye kaisa silsila hai tere aur mere darmiyaan,
Faasle toh bahot hain magar mohabbat kam nahi hoti.
Ek tujhko hi chaaha tha, zamaane se ladkar…!!
Tumne zamaane se milkar, mujhe hi tanhaa kar diya.

Aie shekh mere peene ka andaz dekh,
Aksar sharab me aansu mila ke peeta hoon.

Kahin fisal na jao zara sambhal ke rehna,
Mausam baarish ka bhi hai aur mohabbat ka bhi.

Mere hi hathon pe likhi hai taqdeer meri,
Aur meri hi taqdeer par mera bus nahi chalta.

Tujhe pa na sake toh bhi saari zindagi tujhe pyar karenge,
Ye zaruri toh nahi jo mil na sake usse chhor diya jaye.

Zindagi mein Yeh Hunar Bhi Aazmaana chahiye,
Apnon se agar ho Jung toh haar Jaana chahiye.

Hum roj udas hote hai or shaam guzar jaati hai,
Ek roj shaam bi udas hogi or hum guzar jayenge.

Uski bewafai pe bhi fida hoti hai jaan apni,
Khuda jane agar us mein wafa hoti to kya hota.

Bas ek tujhe hi yakeen nahi mere jazbaaton par,
Warna kitne hi deewane ban bethe meri mohabbat ki dastan sun kar.

मेरी हर बात को उल्टा वो समझ लेते हैं,
अब के पूछा तो कह दूंगा कि हाल अच्छा है..
खामोशियाँ में शोर को सुना है मैंने,
ये ग़ज़ल गुंगुनायेगी रात के साये में ।

मिला क्या हमें सारी उम्र मोहब्बत करके,
बस एक शायरी का हुनर, एक रातों का जागना..

ना पीछे मुड़ के देखो, ना आवाज़ दो मुझको,
बड़ी मुश्किल से सीखा है मैंने अलविदा कहना..!

कभी टूटा नहीं मेरे दिल से तेरी यादों का रिश्ता..
गुफ़्तगू किसी से भी हो ख़याल तेरा ही रहता है..

ना छेड़ किस्सा वोह उल्फत का बड़ी लम्बी कहानी है
मैं जिन्दगी से नहीं हारा किसी अपने की मेहरबानी है

हर किसी के हाथ मैं बिक जाने को हम तैयार नहीं..
यह मेरा दिल है तेरे शहर का अख़बार नहीं..

आज भी एक सवाल छिपा है.. दिल के किसी कोने मैं..
की क्या कमी रह गईथी तेरा होने में.

मेरी लिखी किताब, मेरे ही हाथो मे देकर वो कहने लगे
इसे पढा करो, मोहब्बत करना सिख जाओगे..!!

इतनी चाहत तो लाखो रुपए पाने की भी नही होती..
जितनी बचपन की तस्वीर देख कर बचपन में जाने की होती हैं

तेरा प्यार भी एक हजार की नोट जैसा है,
डर लगता है कहीं नकली तो नहीं|
आज इतना जहर पिला दो कि सांस तक रुक जाए मेरी,
सुना है कि सांस रुक जाए तो रूठे हुये भी देखने आते है…!

क्यूँ शर्मिंदा करते हो रोज, हाल हमारा पूँछ कर ,
हाल हमारा वही है जो तुमने बना रखा हैं…

उम्र गुजार दी मैने गमो के कारोबार मे ।
खुदा जाने सुकून बिकता कहा है?

सुकून ऐ दिल के लिए कभी हाल तो पूँछ ही लिया करो,
मालूम तो हमें भी है कि हम आपके कुछ नहीं लगते…!

तुम्हारे खयालो में चलते चलते कही फिसल ना जाऊ मैं,
अपनी यादों को रोक, की मेरे शहर में बारिश का मौसम है..

कुछ रीश्ते ‘रब’ बनाता हे कुछ रीश्ते ‘लोग’ बनाते हे
पर कुछ् लोग बीना कीसी रीश्ते के रीश्ते नीभाते हे, शायद वही ‘दोस्त’ कहेलाते हे|

मुहब्बत में यही खौफ क्यों हरदम रहता है…
कही मेरे सिवा किसी और से तो मुहब्बत नहीं उसे…

खुदा का शुक्र है की ख्वाब बना दिये,
वरना तुम्हे देखने की तो हसरत ही रह जाती।

मुझे रुला कर सोना तो तेरी आदत बन गई है,
जिस दिन मेरी आँख ना खुली तुझे निंद से नफरत हो जायेगी|

चारों तरफ़ लकडहारे हैं,
फिर भी पेड कहाँ हारे हैं..!
दुनिया के रैन बसेरे में पता नहीं कितने तक रहना है,
जीत लो लोगों के दिलों को बस यही जीवन का गहना है…..

एक तुम हो कि कुछ कहती नहीं,
एक तुम्हारी यादें हैं, कि चुप रहती नही..

हाथ पर हाथ रखा उसने तो मालूम हुआ,
अनकही बात को किस तरह सुना जाता है…!!

कोई पत्थर चोट खाके कंकर कंकर हो गया,
और कोई पत्थर चोट सहके शंकर शंकर हो गया|

तुम मोहब्बत के सौदे भी अजीब करते हो,
बस मुस्कुरा देते हो और अपना बना लेते हो|

हमारे महफिल में लोग बिन बुलाये आते है क्यू,
की यहाँ स्वागत में फूल नहीं दिल बिछाये जाते है|

बर्बाद होने के और भी रास्ते थे,
ना जाने मुझे मोहब्बत का ही ख्याल क्यूँ आया|

तेरी मुहब्बत पर मेरा हक तो नही पर दिल चाहता है,
आखरी सास तक तेरा इंतजार करू|

ऐ समुन्द्र तेरे से वाकिफ हूँ … मगर इतना बताता हूँ,
वो आँखे तुझसे ज्यादा गहरी है, जिनका में आशिक हूँ|

Tujhe kitna Kaha Tha ki Mujhe Apna Na Bana..
Ab Muje Chor Key Duniya Mein Tamasha Na Bana..
Le Lo Wapas Wo Aansu Wo Tadap Aur Wo Yaadain Saari..!!
Nahi Koi Jurm Hamara to Phir Yeh Sazayein Kaisi..!!!

Chalo mana ki hume pyaar ka izhaar karna nahi aata,
Jazbaat na samajh sako itne nadaan to tum bhi nahi..

Vajah Nafrato Ki Talashi Jati Hai
Mohabbat To Bevajhah Ho Jati Hai..

WO Matlab Se Milte.
Aur Hame To Bas Milne Se Matlab Tha.

Kanch Jaise Hote Hai Tanha Logo Ke Dil..
Kabhi Toot Jate Hain Toh Kabhi Tod Diye Jate Hain..

Tanhai to Sathi hai apni zindagi k har ek pal ki..!!
Chalo yeh shikwa bhi door hua k kisi ne sath na diya..!!

Tere Na Hone Se Zindagi Mein Bas Itni-Si Kami Rehti Hai
Main Chahe Laakh Muskurau In Aankho Mein Nami Rehti Hai..!!

Sochte Hai Hum Bhi Seekh Le Be-rukhi Karna..
Humne Apni QaDar Kho Di Hai Har ek ko Mohabbat Dete Dete..!

Duniya ki aag me jalna to Muqqadar bn gaya hai..
Jis se kehte hai apna haal-e-dil wohi badnaam karte hai..

Mujhe Paa kar Shayad Tumhe Kuch Ehsaas Na Ho.. ‘Lekin’
Ek Din Mujhe Khone Ka Ghum Tumhe Bohat Tarpaayega..

Dushman samne aane se darte thae..
aur wo pagli dil se khel kar chalі gayi..

Ab Kategi Zindagi Sukun Se.
Ab Hum Bhi Matlabi Ho Gaye Hai

आज सड़क पर निकले तो तेरी याद आ गई
तूने भी इस सिग्नल की तरह रंग बदला था!!!

मेरी कब्र के पास Wi-Fi जरूर लगाना,
क्योंकि मेरे दोस्त इतने कमीने है ..
कि Wi-Fi यूज करने के लिए, जरूर मेरे पास आएगे..
तेरी कमर पर हाथ रक्खा था ..
नियत का फिसल कर नीचे सरकना तो लाज़मी था

आयेंगे 🚶 तेरी गलि में चाहे देर क्यू न हो जाये।
करेंगे मोहब्बत 💓 तुझसे हि चाहे जेल क्यू न हो जाये

तु Hike‬ की रानी.. मे ‪Facebook‬ का राजा..
मिलना है तो ‪Whatsapp‬ पे आजा..

गिरा दे जितना पानी है तेरे पास ऐ बादल,
ये प्यास किसी की लेने से बुझेगी तेरे बरसने से नहीं..!! ? ?

अगर इश्क़ करो तो अदब-ऐ-वफ़ा भी सीखो,
यु दोस्त के रूम पर ले जाकर ठोकना मोहब्बत नही होती.. ? ?

कोई ? माल में खुश है कोई सिर्फ ? दाल में खुश है
खुशनसीब है वो लोग.. जो हर हाल में ☺ खुश है..!! ?

ईंट पर ईंट चढ़ता है तो ‘दीवार’ बन जाता है,
और.. लड़की पर लड़का चढ़ता है तो ‘परिवार’ बन जाता है।

हमारी तो किस्मत ही कुछ ऐसी निकली
जमींन मिली तो बंजर Admin मिला तो कंजर ?

वह मेरा वेहम था की वो मेरा हमसफ़र है।
वह चलता तो मेरे साथ था पर किसी और की तलाश में।
तरीका मेरे क़त्ल का, ये भी इजाद करो..
कि मर जाऊँ मै हिचकियो से, मुझे इतना याद करो..

गर मेरी चाहतों के मुताबिक ज़माने की हर बात होती
तो बस मैं होता तुम होती और सारी रात बरसात होती !!

जब फुरसत मिले तो चाँद से मेरे दर्द की कहानी पुछ लेना,
एक वो ही है मेरा हमराज तेरे जाने के बाद|

नकाब तो उनका सर से ले कर पांव तक था..
मगर आँखे बता रही थी के मोहब्बत के शौकीन थे वो |

क्या लिखूँ, अपनी जिंदगी के बारे में दोस्तों..
वो लोग ही बिछड़ गए, जो जिंदगी हुआ करते थे।
रिश्ता दिल से होना चाहिए, शब्दों से नहीं,
नाराजगी शब्दों में होनी चाहिए, दिल में नहीं।

तेरा नज़रिया मेरे नज़रिये से अलग था,
शायद तुझे वक्त गुज़ारना था और मुझे जिन्दगी।

माना के सब कुछ पा लुँगा मै अपनी जिन्दगी मै,
मगर वो तेरे मैहदी लगे हाथ मेरे ना हो सकेंगे।

जिनके प्यार बिछड़े है उनका सुकून से क्या ताल्लुक़,
उनकी आँखों में नींद नही सिर्फ आंसू आया करते है।


अभी तक मौजूद हैं इस दिल पे तेरे क़दमों के निशान,
हमने तेरे बाद किसी को इस राह से गुजरने नहीं दिया।

कोई नही आऐगा मेरी जिदंगी मे तुम्हारे सिवा,
एक मौत ही है, जिसका मैं वादा नही करता।

तू मेरी धड़कन, तेरी रूह,
तू अगर हैं, तो मैं हूँ|
कुछ लौग ये सोचकर भी मेरा हाल नहीं पुँछते..
कि यै पागल दिवाना फिर कोई ‪ शायरी न सुना देँ.

टहनियाँ बेचारी नाहक थरथराती रहती हैं..

ये ना पूछ कितनी शिकायतें हैं तुझसे ऐ ज़िन्दगी,
सिर्फ इतना बता की तेरा कोई और सितम बाक़ी तो नहीं

वक्त की यारी तो हर कोई करता है मेरे दोस्त
मजा तो तब है जब वक्त बदल जाये पर यार ना बदले

लगता है मेरी नींद का किसी के साथ चक्कर चल रहा है,
सारी सारी रात गायब रहती है !!!

अहसास मिटा,तलाश मिटी, मिट गई उम्मीदें भी..
सब मिट गया पर जो न मिट सका वो है यादें तेरी

अरे पगली किराए का घर समझकर ही मेरे दिल मेँ बस जाओ
मैँ समझूँगा कि मेरे दिल का मकान मालिक रहने आया है



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